झोलाछाप डॉक्टर चंपक लाल निषाद अवैध इलाज कर रहे है आखिर किनके संरक्षण में

सारंगढ़/सीधे सादे लोगो के जीवन से खेलने का हक आखिर किसने दिया जो,जान हथेली में लेकर अपना इलाज करने को मजबूर होते है पेसेंट।
मामला सारंगढ़ स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्र का जहां डाक्टर के नाम पर बिना डिप्लोमा के साथ चार पांच बिस्तर के क्लिनिक के साथ टीमरलगा के झोलाछाप डाक्टर बैखोब इलाज कर रहे हैं।इतना स्वास्थ्य विभाग की ढीली रवैया,या कहें इतना संरक्षण क्यों?
बरमकेला ब्लॉक के कोठीखोल डोंगरीपाली अंचल में भी मिल जायेंगे दर्जनों झोलाछाप डाक्टर
लोगों के अनुसार सारंगढ़ क्षेत्र ही नहीं बल्कि बरमकेला डोंगरीपाली अंचल में भी दर्जनों झोलाछाप डाक्टर मिल जायेंगे,जो खुले घूम घूमकर या क्लिनिक लगाकर स्वास्थ्य विभाग के नाक के नीचे अपना काली कमाई का खेल खेल रहे हैं।कुछ बिन डिप्लोमा डिग्री के डाक्टर लोग नए क्लिनिक खोलने और उद्घाटन समारोह के मूड में हैं।
सवाल के संदेह के घेरे में कौन हो सकते है ?
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी
राजनैतिक जनप्रतिनिधि
स्थानीय असामाजिक लोग ?
या पूरा प्रशासनिक सिस्टम ?
आम जनता जानना चाहेगी कि अगर बिना लाइसेंस के झोलाछाप डाक्टर बन सकते हैं तो अब बिना फार्मेसी किए मेडिकल,लैब,भी खोलना आसान हो जाएगा।अब हर व्यक्ति चंपक लाल बनना चाहेगा?






