भारतीय भाषाओं को जानने लिए स्वामी आत्मानंद विद्यालय डोंगरीपाली में किया जा रहा है समर कैंप

नमन न्यूज टुडे(सुवर्ण कुमार भोई संपादक)/ बरमकेला/स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय डोंगरीपाली में 26 मई से 1 जून तक सात दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आनंददायक शिक्षण अनुभवों के माध्यम से उड़िया भाषा और उत्कल संस्कृति से परिचय कराते हुए विद्यार्थियों में बहुभाषावाद और बहुसांस्कृतिक के प्रति सम्मान का बीजारोपण किया जा रहा है।
विदित हो कि सीबीएसई, एनसीईआरटी, छ.ग.शासन स्कूल शिक्षा विभाग एवं जिला शिक्षा विभाग सारंगढ़ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय डोंगरीपाली में 26 मई से 1 जून तक सात दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इस कैंप का उद्देश्य आनंददायक शिक्षण अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों में बहुभाषावाद और बहुसांस्कृतिक प्रशंसा को बढ़ावा देना तथा भारतीय भाषाओं के प्रति रुचि और समझ बढ़ाना है। जिसमें वनांचल कोठीखोल क्षेत्र डोंगरीपाली उड़ीसा प्रदेश से लगा हुआ है जिससे यहां उड़िया भाषा का थीम लेकर उत्कल संस्कृति के बुनियादी अभिवादन, अभिव्यक्तियां, तीज-त्यौहार, शादी-विवाह, भजन-कीर्तन सहित विविध सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को सहर्ष आत्मसात किया गया है । समर कैंप में कुशल प्रशिक्षक के रूप में उन महिलाओं को आमंत्रित किया गया, जो उड़ीसा से शादी होकर डोंगरीपाली क्षेत्र में आकर छत्तीसगढ़ की बहु बनकर मान बढ़ा रही हैं । सभी प्रशिक्षक छात्र-छात्राओं को भारतीय भाषा उड़िया में वर्णमाला, शब्द ज्ञान, गिनती, पहाड़ा, कविता, अभिवादन के तरीके और सामान्य संवाद सीखा रहे हैं, जिसमें छात्रों ने सक्रियता पूर्वक भाग लिया और नई जानकरी मिलने तथा सीखने को लेकर काफी उत्साहित हैं । स्कूल के प्राचार्य उग्रसेन चैाधरी ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। ऐसे कैंप से छात्र भारतीय भाषाओं की सुंदरता और विविधता से परिचित हो रहे हैं। आने वाले दिनों में कैंप में और भी रोचक गतिविधियां होगी। इससे विद्यार्थियों का भाषाई कौशल निखरेगा तथा यह ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव साबित होगा।
यह सात दिवसीय समर कैम्प स्कूल के प्राचार्य उग्रसेन चैाधरी के मार्गदर्शन एवं व्याख्याता डोलामणी मालाकार, नोडल-रासेयो के परिकल्पना, श्रीमती हेमलता मालाकार,कार्यक्रम अधिकारी-रासेयो के संयोजन तथा प्रशिक्षक ब्यूटी नायक(परसकोल), मैथिली साहू(कोकबहाल), तपस्विनी भोई(विष्णुपाली), सत्यवती प्रधान( डोंगरीपाली) और बनिता साहू (लेन्धरजोरी) के संचालन में अपनी निरंतरता की ओर है। जिसके सातवें एवं अंतिम दिवस पर सभी प्रशिक्षार्थियों को उनके पालकों की उपस्थिति में सामान्य परीक्षा उपरांत प्रमाण वितरित किये जायेंगें।
इस अवसर पर आत्मानंद स्कूल के व्याख्याता सोनसाय भगत, जसवंत सिंह, अनिता लकड़ा, साधना सिंह, शशिप्रभा पटेल, भूवनेश्वर पटेल, सुशान्तो भोई प्रधानपाठक मा.शा. डोंगरीपाली, सुषमा देहरी, प्रधानपाठक प्रा.शा. डोंगरीपाली, विनोद कुमार बरिहा, शिक्षक, मा.शा. कोकबहाल, संजय कुमार भोय शिक्षक मा.शा. झिंकीपाली, नीलाकार साहू संकुल शैक्षिक समन्वयक डोंगरीपाली एवं सेवानिवृत प्रधानपाठक अलेखराम प्रधान की गरिमामयी उपस्थिति रही है।



