बरमकेला मे सर्व आदिवासी समाज द्वारा अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए खोला मोर्चा

बरमकेला/हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणी में क्रीमिलेयर वर्ग को आरक्षण देने का फैसला किया गया है। कोर्ट की ओर से कहा गया है कि जिन लोगों को इस श्रेणी में आवश्यकता है, उन्हें आरक्षण मिलना चाहिए।
जिसे लेकर भारत बंद की आवाहन को लेकर अपने संवैधानिक हक की लड़ाई के लिए बरमकेला सर्व आदिवासी समाज रोड पर भारत बंद के बैनर तले शक्ति प्रदर्शन कर रही है।आदिवासी वैसे ही जल जंगल जमीन की लड़ाई अब तक लड़ती रही है,अब आरक्षण भी छीना जा रहा है जिसके लिए अब रोड की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।




इस पर विपक्षी पार्टियों ने इसे इंदिरा साहनी मामले में नौ सदस्यी पीठ द्वारा आरक्षण पर दिए गए निर्णय के खिलाफ बताया गया है, जिससे आरक्षण का नींव पड़ी थी।
विपक्षी पार्टियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के संवैधानिक अधिकारों का हनन होगा। क्योंकि, यह पहले से लागू आरक्षण में विशेष आरक्षण है। ऐसे में आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति की ओर से देशभर में भारत बंद का आह्वान किया गया है। साथ ही, यह मुद्दा अब राजनीतिक दिशा में बढ़ गया है, जिसके तहत विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा इसका विरोध जताया जा रहा है।



