कई जनप्रतिनिधियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियो ने दी प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं

सारंगढ़/रायगढ़/बुराई से अच्छाई की जीत का प्रतीक होली पर्व की सारंगढ़ और रायगढ़ विधानसभा से कई जनप्रतिनिधियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियो ने दी शुभकामनाएं।
आइए जानते है पुराणों में होली की मान्यताएं:होलिका को वरदान था कि वह आग में नहीं जलेगी और इसी के बल पर वह प्रहलाद को चिता पर लेकर बैठ गई। विष्णु भक्त की भक्ति रंग लाइ और प्रहलाद अग्नि में से सुरक्षित बाहर आ गए पर हिरण्यकश्यप की बहन होलिका अग्नि में जलकर ख़ाक हो गई। इसके बाद से ही होलिका दहन मनाने की परंपरा शुरू हो गई।अब सवाल ये उठता है कि आखिर होलिका को देवी क्यों माना जाता है।

जबकि होलिका एक राक्षसी थी और उसने अपने ही भतीजे का अहित करने की कोशिश की थी। तो इसका उत्तर यह है कि होलिका एक देवी थी जो ऋषि द्वारा दिए गए श्राप को भुगत रही थी। मृत्यु के कारण उस जन्म का उसका श्राप पूर्ण हो गया और अग्नि में जलने के कारण वह शुद्ध हो गई।
इसी कारण से होलिका को राक्षसी होने के बाद भी होलिका दहन वाले दिन देवी रूप में पूजा जाता है। माना जाता है कि होलिका दहन वाले दिन अग्नि में एक मुट्ठी चावल (काले चावल के उपाय)डालने से होलिका देवी की कृपा बनी रहती है और कोई भी आपका अहित नहीं कर पाता है। अग्नि के चक्कर लगाने से कष्ट मिट जाते हैं।
तो इस तरह एक राक्षसी बनी होलिका देवी।
टोटका..होलिका की राख को घर लाएं और हर कोने में उसके अंश को रखें। ऐसा करने से घर का वास्तु दोष दूर होता है।आइए जानते है होली की शुभकामनाएं देते हुए क्या कुछ कहा जनप्रतिनिधियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियो ने
होली समाज को एक साथ लाने और हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को मजबूत करने में मदद करती है..उत्तरी गणपत जांगड़े(विधायक,सारंगढ़ विधानसभा)

परंपरा के अनुसार जब लोग जलती होलिका की परिक्रमा करते हैं तो होलिका से निकलता ताप शरीर और आसपास के पर्यावरण में मौजूद बैक्टीरिया को नष्ट कर देता है। और इस प्रकार यह शरीर तथा पर्यावरण को स्वच्छ करता है.. रतन शर्मा (अध्यक्ष,चैंबर ऑफ कॉमर्स बरमकेला)

हमारे शरीर में किसी रंग विशेष की कमी कई बीमारियों को जन्म देती है और जिनका इलाज केवल उस रंग विशेष की आपूर्ति करके ही किया जा सकता है,होली जीवन के खुशियों का माध्यम बनके आता है…गीता राठिया(अध्यक्ष,ब्लॉक महिला कांग्रेस तमनार)


होली पर्व सद्भाव,भाईचारे, खुशियां लेकर आने वाला महत्वपूर्ण भूमिका निभाता,जो मन को शांति प्रदान करता है..मीरा धरम जोल्हे(जि.प.सदस्य)

ऊंच-नीच, गरीबी अमीरी का भेदभाव होली का पर्व समाज से खत्म करता है और एक दूसरे को इस दिन रंग लगाकर गिले शिकवे भूला गले मिलते हैं… रथु गुप्ता(अध्यक्ष,कोलता समाज रायगढ़ संभाग)



