पुसौर मे मनाया गया डॉ.भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती

रायगढ़/पुसौर ब्लॉक के बस स्टैंड में संविधान के निर्माता डॉ.अंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनाया गया ।

रायगढ़ सामुदायिक भवन में कोलता समाज संभागीय बैठक में अध्यक्ष रथ्थू गुप्ता ने बाबा साहेब डॉ.अंबेडकर की जयंती पर समस्त देशवासियों को शुभकामनाए संदेश दिए।

हिंदुस्तान आज डॉ.भीमराव अंबेडकर जयंती मना रहा है। संविधान के रचनाकार और करोड़ों दलितों को देश की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य करने वाले बाबा साहब की जयंती हमारे देश में हर साल 14 अप्रैल को मनाई जाती है। 2024 में पूरा देश उनकी 134वीं जयंति मनाने जा रहा है। बाबासाहेब अंबेडकर एक विद्वान, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने अपना जीवन सामाजिक न्याय और समानता के लिए समर्पित कर दिया। दलित उन्हें पूजते है अपना भगवान मानते है।

कोलता समाज संभाग रायगढ़ के बैठक सामुदायिक भवन रायगढ़ से डॉ. भीमराव अम्बेडकर को याद किया गया।

देश के वंचितों के प्रति डॉक्टर अम्बेडकर की महान सेवाओं को याद करने के लिए पूरे देश में डॉ बी.आर. अम्बेडकर जयंती मनाई जाती है। भारतीय संविधान काफी हद तक उन्हीं के दिमाग की उपज थी। उन्होंने शिक्षा के मूल्यों को बढ़ावा देने और वंचित समुदाय की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए 1923 में बहिष्कृत हितकारिणी सभा की स्थापना की. डॉ अम्बेडकर एक सामाजिक आंदोलन के प्रभारी थे, जिसने देश में जातिवाद को समाप्त करने के लिए काम किया। उन्होंने विभिन्न सामाजिक अभियान शुरू किए, जिनमें पुजारियों, मंदिरों में प्रवेश, जातियों आदि के खिलाफ अभियान भी शामिल थे।

डॉ अम्बेडकर ने साल 1930 में मानवाधिकारों के लिए नासिक मंदिर प्रवेश आंदोलन का नेतृत्व किया। उनका तर्क था कि राजनीतिक शक्ति का उपयोग अवसादग्रस्त लोगों के सामने आने वाले मुद्दों को पूरी तरह से संबोधित नहीं करता है, जो लोग अवसादग्रस्त हैं, उन्हें समाज में समान अधिकार मिलना चाहिए। साल 1942 में विक्टोरिया की कार्यकारी परिषद में कार्य किया। उन्होंने अपने कार्यकाल में श्रमिक वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए अभियान चलाया। वह ताउम्र एक अर्थशास्त्री एवं समाज सुधारक के रूप में सक्रिय रहे।

गुमशुदा बालक,पुसौर से



बाबासाहेब अंबेडकर जयंती पर ऐसे किया जाता है उन्हें याद –

* डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर देश भर में अम्बेडकर की प्रतिमाओं और स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भारी तादाद में लोग इकट्ठे होते हैं।

* देश भर के स्कूल-कॉलेज एवं विश्वविद्यालय युवा पीढ़ी को अम्बेडकर के जीवन-दर्शन और योगदान के बारे में शिक्षित करने के लिए सेमिनार, व्याख्यान, और विभिन्न विषयों पर डिबेट का आयोजन करते हैं।

* डॉ अम्बेडकर के जीवन और कार्यों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियां देश भर में विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाती है।

* इस दिन बहुत सी जगहों पर डॉ अम्बेडकर जयंती के उपलक्ष्य में सार्वजनिक जुलूस एवं रैलियां निकाली जाती हैं।

* इस अवसर पर देश भर में समानता और सामाजिक न्यायिक विषयों को दर्शाने वाले पारंपरिक नृत्य और संगीत के प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है।

* सामाजिक न्याय और जातिगत भेदभाव से संबंधित मुद्दों पर भाषण एवं चर्चाओं का आयोजन किया जाता है।

* इस अवसर पर, लोग अपने सोशल मीडिया प्रोफाइलों पर भी उनके चित्र और संदेश साझा करते हैं, जिससे उनकी याद को समर्थन मिलता है और उनके विचारों को प्रसारित किया जाता

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