एक ही दुकान से ड्रेस और कॉपी किताब खरीदने के लिए विद्यार्थियों को बाध्य नहीं कर सकते प्रायवेट स्कूल


सारंगढ़ बिलाईगढ़/कलेक्टर धर्मेश साहू ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर धर्मेश साहू ने अधिकारियों को कहा कि यह पता करें कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत जिले के प्रायवेट स्कूलों में पढ़ रहे कितने बच्चों ने उस स्कूल से छुड़वाकर दूसरे स्कूल में दाखिला लिया है। उस प्रायवेट स्कूल को छोड़ने का कारण क्या है। यदि बच्चे और उसके पालक ने निजी कारणवश उस स्कूल से बेहतर सरकारी या निजी स्कूल में दाखिला लिया है तो ठीक है।

कलेक्टर ने जिले के प्रायवेट स्कूलों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि कोई भी प्रायवेट स्कूल फीस का निर्धारण नियम अनुसार करेंगे। साथ ही किसी एक दुकान से ड्रेस और कॉपी किताब खरीदने के लिए विद्यार्थियों को बाध्य नहीं करेंगे। इसी प्रकार यदि प्रायवेट स्कूल आरटीई के तहत दाखिल बच्चों के साथ लापरवाही करते। बच्चे को शारीरिक, मानसिक रूप से परेशान करते हैं तो इन सभी परिस्थितियों की जांच में किसी निजी स्कूल द्वारा ऐसा किया जाना पाया जाता है तो उस स्कूल के विरुद्ध मान्यता रद्द करने की कार्यवाही किया जाएगा। बैठक में परियोजना निदेशक पंचायत हरिशंकर चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी वर्षा बंसल, बीईओ नरेश जांगड़े, रेशम लाल कोसले और सत्यनारायण साहू सहित सेजेस के नोडल अधिकारी एवं प्राचार्य नरेश चौहान, समग्र शिक्षा के जिला नोडल अधिकारी शोभाराम पटेल, एबीईओ मुकेश कुर्रे, शिक्षक एस आर अजय सहित जिले के अन्य अधिकारी, प्राचार्य और शिक्षक उपस्थित थे।

आरटीई के तहत दाखिल बच्चे यदि प्रायवेट स्कूल को छोड़ रहे तो उसके कारण की जांच होगी

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