रासेयो आत्मानंद स्कूल डोंगरीपाली में मनाया गया राष्ट्रीय पोषण सप्ताह

बरमकेला/डोंगरीपाली (सुवर्ण कुमार भोई)/ स्वामी आत्मानंद स्कूल डोंगरीपाली के राष्ट्रीय सेवा इकाई के द्वारा स्वयंसेवकों के माध्यम से 01 सितम्बर से 07 सितम्बर तक विभिन्न नवाचारी गतिविधियों से राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2025 का आयोजन कर कोठीखोल अंचल में पोषण आहार की आवश्यकता एवं महत्व के प्रति जन-जागृति लाने का प्रयास किया। विदित हो कि भारत में हर साल 1 से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। भारत ने 1982 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत खाद्य और पोषण बोर्ड के नेतृत्व में इस महत्वपूर्ण अनुष्ठान को अपनाया। केन्द्र एवं राज्यों के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय अग्रणी भूमिका में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवा छात्रों को संतुलित आहार और अच्छी पोषण संबंधी आदतों के बारे में शिक्षित करना है। जिसे स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के विभिन्न अभिकरण यथा राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा अपने कैलेण्डर में शामिल करते हुए स्वयंसेवकों के साथ मिलकर नवाचारी गतिविधियों और तरीकों से जन-जन तक पहुँचाया जाता है। क्योंकि इस सप्ताह का महत्व इस ज्ञान को फैलाने में निहित है कि कम उम्र से ही सही भोजन करने से स्वस्थ शरीर, तेज दिमाग और जीवन भर समग्र कल्याण होता है।राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2025 की थीम “बेहतर जीवन के लिए सही खाएं” भारत में छात्रों और परिवारों के लिए स्वस्थ भोजन के महत्व पर प्रकाश डालती है। प्रत्येक वर्ष, राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की थीम विशेष रूप से स्कूलों और समुदायों में संतुलित आहार, पोषण शिक्षा और बेहतर जीवन शैली विकल्पों के बारे में जागरूकता फैलाने पर केंद्रित है।स्वामी आत्मानंद स्कूल डोंगरीपाली के राष्ट्रीय सेवा इकाई के द्वारा स्वयंसेवकों के माध्यम से 01 सितम्बर से 07 सितम्बर तक विभिन्न नवाचारी गतिविधियों से राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2025 का आयोजन कर कोठीखोल अंचल में पोषण आहार की आवश्यकता एवं महत्व के प्रति जन-जागृति लाने का प्रयास किया। इस तारतम्य में सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के वनांचल क्षेत्र में संचालित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय डोंगरपाली के प्रभारी प्राचार्य उग्रसेन चैाधरी जी के मार्गदर्शन, रासेयो कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती हेमलता मालाकार एवं नोडल डोलामणी मालाकार के नेतृत्व में 01 से 07 सितम्बर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम दिवस पोषण आहार के महत्व एवं आवश्यकता पर व्याख्यान, द्वितीय मेरी थाली , तृतीय दिवस पोषण आधारित हेल्दी टिफिन डे कविता पाठ, चतुर्थ दिवस हेल्दी टिफिन डे स्लोगन रचना, पंचम दिवस पोषण रंगोली , षष्ठम् दिवस मौखिक प्रश्नोत्तरी तथा सप्तम् दिवस दीवार लेखन एवं पोस्टर लेखन के माध्यम से शरीर से लेकर देश तक के लिए पोषण की आवश्यकता पर बल दिया गया। सप्ताह के दौरान बताया गया कि जो हम भी खाना खाते हैं उससे सिर्फ हमारी पेट ही नहीं भरता बल्कि हमारे शरीर को पोषण(न्यूट्रिशन) मिलते हैं. विटामिन्स, मिनरल्स, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और हेल्दी फैट सही मात्रा में मिलना बहुत जरूरी है। यह शरीर को एनर्जी देने और सही रूप से कार्य करने में मदद मिलती है। अगर शरीर में किसी भी एक विटामिन या मिनरल की कमी हो जाए, तो इससे सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. इसलिए सभी तरह के पोषक तत्व शरीर को मिलने जरूरी होते हैं।आज के समय में जहां एक तरफ जीवन भागदौड़ वाला हो रहा है, वहीं दूसरी ओर खान-पान की आदतें बिगड़ती जा रही हैं। जिसके कारण शरीर में कई तरह के न्यूट्रिशन खासकर के विटामिन डी, बी12, आयरन और कैल्शियम की कमी देखने को मिलती है। यह सिर्फ खाने पर भी निर्भर नहीं है जैसे कि क्या खाना है, कितनी मात्रा में और कैसे खाना है, इसपर भी बहुत कुछ निर्भर करता है। आज के समय में ज्यादातर लोगों का डाइट रूटीन बिगड़ता जा रहा है या फिर शरीर को किसी एक तरह का विटामिनस या मिनरल डाइट से नहीं पाता है. ऐसे में इस बात पर ध्यान देना चाहिए।



