कोठीखोल डोंगरीपाली अंचल के कई गांवों के तेन्दुपत्ता तोड़ने वाले गरीबों को अभी तक नहीं मिला मेहनताना

सारंगढ़/ बरमकेला विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम लिमपाली के 18 से 20 तेन्दुपत्ता संग्रहण कर्ता मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिल पाई है। मई और जून के चिल चिलाती धूप मे पसीना बहाने वाले ये ग्रामीण मजदूर कई बार मुंशी से और अनेक बार प्रबंधक से मिल चुके हैंं। मगर इनका मजदूरी अब तक नहीं मिल पाया है। एक महिला हितग्राही का कहना है कि ऐसे मे अब आने वाले सालों मे कभी भी तेन्दुपत्ता नहीं तोड़ेगे ।वही कोठीखोल के कई गांव दमदमा,विष्णुपाली, लिमपाली सहित डोंगरीपाली क्षेत्र के कई ग्रामीणों को तेंदूपत्ता संग्रहण का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है जिसका ग्रामीण सीधी अर्थ यही निकाल रहे है कि इन सबका जिम्मेदार लापरवाह प्रबंधक है या संबंधित विभाग।राज्य सरकार इसे संज्ञान में लेकर विधानसभा चुनाव में जनता के बीच आए तो बेहतर होगा।

विष्णुपालि वनोपज सहकारी समिति के प्रबंधक सुदामा भोई से जब हमने संपर्क किया तो बताया कि मेरे सर्कल में दमदमा विष्णुपाली के 7 हितग्राही अभी पेमेंट नहीं पाए है हमने महीने हो गए डाटा भेज चुके है डिपार्टमेंट के ऑपरेटर रेशम साहू के अनुसार जब सारंगढ़ के सभी तेरह प्रबंधकों का डाटा मिल जाएगा तो उसी के अनुसार पेमेंट भुगतान कर दी जाएगी। अब बाकी ग्रामीण या संबंधित कर्मचारी क्या कुछ कहते है आइए जानते हैं।
मुंशी को तीन चार बार बोल चुके हैंं कोई निर्णय नहीं लिया है – अजय कुमार बरिहा।
हम कई बार प्रबंधक से मिल चुके हैं, हमारे समस्या का उचित निवारण नहीं हुआ है, पाँच महीने हो गए हमारा पैसा हमें नहीं मिला है- बिनोद कुमार यादव ।
जब भी मुंशी को बोलते हैं तो दो दिन मे जमा हो जाएगा तीन दिन मे जमा हो जाएगा बोलता है,आज 4, 5 महिना हो गया ना मुंशी नज़र आता है ना ही प्रबंधक नज़र आता है – मनोज कुमार यादव ।
पत्ता तोड़ने से पहले केवाईसी ( kyc) करवा चुके हैं हम सब – किशोर कुमार बरिहा।
मेरी तरफ से कागजात ओके है, और जिन मजदूरों को मजदूरी नहीं मिली है उनमे से एक मजदूर मैं भी हूँ – अभिमन्यु चौहान (मुंशी )



