अपराधिक गतिविधियों में शामिल है गौड़ाडीह धान खरीदी केंद्र प्रभारी, सहकारिता विभाग ले संज्ञान

बिलासपुर : पचपेड़ी क्षेत्र के गोड़ाडीह धान खरीदी केंद्र में डेढ़ करोड़ के फर्जीवाड़ा मामले में केंद्र प्रभारी प्रकाश लहरे को पुलिस ने गिरफ्तार किया था जिसे न्यायालय में पेश करने के दौरान उसके रिश्तेदार निलेश लहरे, भागबली लहरे, रंजीत कुमार लहरे, अशोक भारद्वाज, पुनीतराम बंजारे के द्वारा पुलिस को चकमा देकर भगाकर ले जाने के मामले में सिविल लाइन थाना में अपराध दर्ज किया है| फर्जीवाडा के आरोपी प्रकाश लहरे के खिलाफ पचपेड़ी थाना में अपराध दर्ज है जिसमे प्रकाश लहरे के भागबली लहरे द्वारा कल शाम तक़रीबन 20 से 30 की संख्या में लोगो को लेकर थाना प्रभारी से अपने भाई के पक्ष मे चार्ज सीट तैयार कर कोर्ट मे प्रस्तुत करने भारी दबाव बनाने लगा और अपनी उची का पहुंच का दंभ भरने लगा जिस पर थाना प्रभारी ने भागबली लहरे और उसके साथ आये लोगो को फटकार लगाया जिसके बाद सभी पचपेड़ी थाना परिसर से नौ दो ग्यारह हो गए|

ज्ञात हो कि मस्तुरी तहसील के अलग-अलग धान खरीदी केंद्र में प्रभारी बनकर करोडो का घोटाला करने वाले एक ही परिवार के लोग जिनमे रंजीत लहरे धान खरीदी केंद्र प्रभारी सेवा सहकारी समिति जयराम नगर, पुक राम लहरे धान खरीदी केंद्र प्रभारी सेवा सहकारी समिति गतोरा, सचिन लहरे धान खरीदी केंद्र सेवा सहकारी समिति रिस्दा, बबलू लहरे धान खरीदी प्रभारी सेवा सहकारी समिति एरमशाही है जिनके द्वारा धान खरीदी में भारी मात्रा में सार्टेज है जिनके खिलाफ सहकारिता विभाग द्वारा किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं की जा रही है वही गोड़ाडीह धान खरीदी केंद्र में डेढ़ करोड़ के फर्जीवाड़ा मामले में केंद्र प्रभारी प्रकाश लहरे को पुलिस ने गिरफ्तार किया था जो इन्ही केंद्र प्रभारियो का रिश्तेदार है|

धान खरीदी केन्द्रों में हुए फर्जीवाडा के मामले में केवल गोड़ाडीह धान खरीदी केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्यवाही की गई मगर रंजीत लहरे धान खरीदी केंद्र प्रभारी सेवा सहकारी समिति जयराम नगर, पुक राम लहरे धान खरीदी केंद्र प्रभारी सेवा सहकारी समिति गतोरा, सचिन लहरे धान खरीदी केंद्र सेवा सहकारी समिति रिस्दा, बबलू लहरे धान खरीदी प्रभारी सेवा सहकारी समिति एरमशाही के खिलाफ अब तक किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं की गई है | सेवा सहकारी समिति के करोड़ों के फर्जीवाड़े मे अधिकारी केवल नोटिस,नोटिस का खेल कर धन कुबेर बनते जा रहें और शासन कि राशि को साफ करने मे कोई कसर नहीं छोड़ रहें यहां तक समिति के धान खरीदी प्रभारी का योग्यता से कोई लेना देना नहीं अधिकारियो को केवल कौन सबसे ज्यादा सीजन मे कमाई करवाएगा ये मुख्य उद्देश्य हैं, एक तरह से उक्त फर्जीवाड़े को अंजाम देने मे अधिकारी और घोटालेबाज समिति के बीच चोर -चोर मौसेरा भाई कि तरह कार्य को अंजाम दिया जा रहा हैं| जिले मे बैठे उप पंजीयक और जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यापालन अधिकारी ऐसे लोगो को संरक्षण दे रहें हैं जो करोड़ों के फर्जीवाडे को अपने परिजनों से मिलकर वारा न्यारा किए हैं| क्या जिले मे बैठे अधिकारियो द्वारा ऐसे लोगो से शासकीय सेवा का उलंघन करने का लायसंस दे रखे हैं?

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