*एक पेड़ मां के नाम *हास्य कवि जमुना प्रसाद

एक पेंड़ मां के नाम

एक पेंड़ मां के नाम,
सृष्टि संचलन सम्पूर्ण आवाम,
जीवन संभव ब्रह्म समान
एक पेंड़ मां के नाम।
मां ब्रह्मा मां ही विष्णु,
मां में समाहित चारो धाम।
पेंड़ है तो प्रकृति की प्रबृति,
एक पेंड़ मां के नाम।
सांसों के सरगम की डोर है,
पेंड़ है तो जीवन में भोर है।
सकल चराचर तुझसे विराम,
एक पेंड़ मां के नाम।
धरती अम्बर में स्थिरता,
हरियाली में है दृढ़ता।
जल थल है नयनाभिराम,
एक पेंड़ मां के नाम।
जननी जनक के रचियता,
जड़ चेतन जिनसे निर्माण।
निहारते सबको एक समान,
एक पेंड़ मां के नाम।
खोकर अपनी रुप लावण्य,
देते हमको जीवन दान।
आओ मिलकर लगायें हम,
एक पेंड़ मां के नाम।

जमुना पुटकापुरीहा
हास्य कवि

मु.+पो. पुटकापुरी
वि.ख.पुसौर
जिला रायगढ़(छ.ग.)
पिन 496001
मो.नं.7566145256

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