शासकीय विद्यालयों में अनुशासन, शिक्षकीय मर्यादा एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से चार अलग-अलग मामलों में कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई

सारंगढ़/कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी श्री जे.आर. डहरिया द्वारा शासकीय विद्यालयों में अनुशासन, शिक्षकीय मर्यादा एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से चार अलग-अलग मामलों में कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। जांच प्रतिवेदनों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है, जबकि एक प्रधान पाठक के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर को भेजा गया है।

शराब के नशे में विद्यालय पहुंचने पर प्रधान पाठक निलंबित

बरमकेला विकासखंड के प्राथमिक शाला राजपुर के प्रधान पाठक श्री सरोज कुमार भोय के विरुद्ध विद्यालय में शराब के नशे में उपस्थित होकर शिक्षण कार्य प्रभावित करने तथा विद्यार्थियों के बीच भय का वातावरण निर्मित करने की शिकायत जांच में सही पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

विद्यालय में दुर्व्यवहार और अनुशासनहीनता पर प्रधान पाठक निलंबित

बिलाईगढ़ विकासखंड के प्राथमिक शाला चकरदा के प्रधान पाठक श्री राजेश कुमार गौतम के विरुद्ध शासकीय कर्तव्य के दौरान गंभीर अनुशासनहीनता, सहकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार, धमकी देने तथा पूर्व में भी विभागीय कार्रवाई के बावजूद सुधार नहीं होने के तथ्य जांच में पाए गए। इसके आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निजी नेटवर्क मार्केटिंग गतिविधियों में संलिप्तता पर सहायक शिक्षिका निलंबित

बरमकेला विकासखंड की आश्रम प्राथमिक शाला झाल की सहायक शिक्षिका श्रीमती यशवंती चौहान के विरुद्ध शासकीय दायित्वों की उपेक्षा करते हुए निजी नेटवर्क मार्केटिंग गतिविधियों में संलिप्त रहने तथा शिक्षण कार्य प्रभावित करने संबंधी शिकायत जांच में प्रमाणित होने पर उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

प्रधान पाठक के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव

इसी प्रकरण में शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला झाल, बरमकेला की प्रधान पाठक श्रीमती अनंती टोप्पो के विरुद्ध भी शासकीय सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन तथा निजी नेटवर्क मार्केटिंग गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं। चूंकि उनके विरुद्ध कार्रवाई का प्राधिकार उच्च स्तर पर है, इसलिए कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर को भेजा गया है।

शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता

जिला शिक्षा अधिकारी श्री जे.आर. डहरिया ने स्पष्ट किया कि शासकीय सेवक से अपेक्षित आचरण, विद्यालयीन अनुशासन तथा विद्यार्थियों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसी भी कर्मचारी द्वारा सेवा नियमों का उल्लंघन, कर्तव्य में लापरवाही अथवा विभागीय गरिमा के प्रतिकूल आचरण पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देशन में जिला प्रशासन शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं अनुशासित बनाने के लिए लगातार निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई कर रहा है, जिससे शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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