खाते में नहीं आई समर्थन मूल्य की राशि, बैंकों के चक्कर काट रहे किसान

रायपुर : सोसायटियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बीते 31 जनवरी से बंद हो चुकी है. लेकिन खासकर बीते 21 जनवरी से 31 जनवरी तक धान बेचने वाले किसानों की किसानों के खाते में केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि अभी तक पहुंची नहीं है.
इधर प्रदेश सरकार ने घोषित बोनस की राशि किसानों को देने रिलीज कर दिया है. पर यह राशि भी ऐसे किसानों को समर्थन मूल्य की राशि का भुगतान न हो पाने की वजह से खाते में नहीं आ रही है. इसे लेकर किसानों में हड़कंप है. और वे संबंधित बैंकों के चक्कर काट रहे हैं. लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है. किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मुख्य सचिव अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को बीते कल बुधवार को ज्ञापन भेज ध्यानाकृष्ट कराया है
इ-मेल से प्रेषित ज्ञापन में शर्मा ने जानकारी दी है कि बीते 20 जनवरी तक तो कतिपय अपवादों को छोड़ समर्थन मूल्य की राशि किसानों के खाते में नियमित रुप से आ रही थी. लेकिन बीते 21 जनवरी से 31 जनवरी तक धान बेचने वाले किसानों के खाते में समर्थन मूल्य की राशि आज तक नहीं आ पाई है और यह हालत कमोबेश पूरे प्रदेश में है. जबकि यह राशि धान खरीदी करने के 24 घंटे के भीतर किसानों के खाते में डालने का सरकारी आश्वासन था.
शर्मा ने अंतर की राशि बोनस के रूप में किसानों को भुगतान के लिये जारी कर दिये जाने पर ऐसे किसानों के खाते में समर्थन मूल्य की राशि भुगतान हुये बिना नहीं आ पाने की जानकारी देते हुये बतलाया है कि अपवादस्वरुप कुछ किसान समर्थन मूल्य की राशि आए बिना भी बोनस की राशि खाते में जमा होने की जानकारी दे रहे हैं. जो कि आश्चर्यजनक है. शर्मा ने खाते में राशि जमा न हो पाने की वजह का पता लगा ऐसे किसानों के खाते में समर्थन मूल्य व बोनस की राशि जल्द से जल्द डलवाने की मांग की है.



