राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत् आज स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय डोंगरीपाली द्वारा 55 वां स्थापना दिवस मनाया गया


डोंगरीपाली/बरमकेला/राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्र की युवाशक्ति के व्यक्तित्व विकास हेतु भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा संचालित एक जागरूकता कार्यक्रम है। जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को सामाजिक सेवाओं की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना और युवाओं के अंदर एक सकारात्मक तथा अच्छे व्यक्तित्व का विकास करना होता है। इसमें साक्षरता, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के साथ आपातकालीन या प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ित लोगों की सहायता करने के लिए युवाओं को तैयार किया जाता है।


इस मौके पर रासेया के स्वयंसेवकों ने शाला परिसर में स्वच्छता कार्य एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया । हमारा विद्यालय शहीद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ से संबद्ध रासेयो की एक सक्रिय इकाई है। जहां रासेयो के 55 वें स्थापना दिवस के अवसर पर शाला परिसर में स्वच्छता कार्य से कार्यक्रम की शुरूवात किया गया। तदुपरांत विद्यालय स्तर पर रासेयो विचार गोष्ठी का आयोजन का शुभारंभ शाला के प्राचार्य उग्रसेन चैाधरी एवं व्याख्याता सोनसाय भगत ने मां सरस्वती के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर पुष्पांजलि अर्पित किया। वहीं स्वयंसेवकों ने दीप वंदना, सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत गाए। इसके बाद कार्यक्रम को गति प्रदान करने हुए स्वयंसेवको ने उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों को एनएसएस बैच एवं टोपी लगाकर तथा गमले मे लगे पैाधौ का भेंट देकर स्वागत किया।
कार्यक्रम विचार गोष्ठी में कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती हेमलता मालाकार ने रासेयो की स्थापना ,लक्ष्य, थीम एवं वर्तमान संदर्भ में उपादेयता पर विस्तारपूर्वक अपने सारगर्भित विचारों की प्रस्तुतीकरण दिया। वहीं स्वयंसेवकों में कु.रोशना मगरी ने बताया कि हमें टीम वर्क कैसे करना होता है और रासेयो उसके लिए कितना उचित है, कु. प्रमिला ने रासेयो के माध्यम से देशसेवा कैसे संभव है, कु. रोमी भोय ने योगाभ्यास से बैाद्विक एवं शारीरिक विकास कैसे होता है,कु. कविता विश्वकर्मा ने समाज की उन्नति में बाधक परिस्थियों से निकलने में रासेयो हमारी कैसे मदद करती है, तथा कु.नीतू भोय ने रासेयो गतिविधियों से विद्यार्थियों के चारित्रिक विकास कैसे होता है , कु.प्रीति ने मिलेटस् अपनाए, पर अपने विचार दिया। साथ ही अतिथि सुशांतो भोई ( पू.का.अ.रासेयो) ने कहा कि रासेयो की शुरूवात अपने घर परिवार से होकर देश तक पहुँचती है। प्रत्येक पल हमें देश सेवा के लिए तत्पर होना चाहिए। इसके लिए हम पर्यावरण ,स्वच्छता, साक्षरता कोई भी कार्य का चयन कर सकते सभी हमें देश सेवा से जोड़ते है।वही अतिथि विनोद बरिहा ने स्वयं सेवको को संबोधित कर कहा कि रासेयो के प्रत्येक गतिविधि में हमें समाज को जागरूक करने के निहित संदेशों के साथ प्रस्तुत होना चाहिए , ताकि हम समाज को उन्नत कर सके।


कार्यक्रम को संबोधिक करते हुए संस्था के प्राचार्य उग्रसेन चैाधरी जी ने स्वयंसेवकों को शाला एवं समाज के मध्य जाकर रचनात्मक कार्यों के माध्यम जागृति लाने की अपील की । वहीं कार्यक्रम में व्याख्याता डोलामणी मालाकार ने स्थापना दिवस के सफल आयोजन के लिए शाला परिवार की ओर से हार्दिक आभार धन्यवाद ज्ञापित किया। इस कार्यक्रम में शाला के व्याख्याता जसवंत सिंह ,अमृतलाल बरिहा, मुकेश कुमार नायक,राजीव कुमार पटेल,श्रीमती अनिता लकड़ा, शिक्षक संजय कुमार भोय एवं श्रीमती साधना सिंह उपस्थित रही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Latest